यूहन्ना | The bible story

यूहन्ना




उन से मैं भी प्रेम रखती हूँ, और जो मुझको

यत्न से तड़के उठकर खोजते हैं, वे मुझे पाते हैं। "


मुखाग्र पद :

प्रस्तावना :

बाइबल में ३ यूहन्ना का वर्णन आया है। यूहन्ना जो मरकुस कहलाता है (प्रेरित - १२:१२, २५) यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला (मत्ती - ३:१-१४, लूका-१:१३-१७) प्रेरित यूहन्ना । आज हम यीशु मसीह के १२ शिष्यों में से एक प्रेरित यूहन्ना के बारे में अध्ययन करने जा रहे हैं। यूहन्ना

जबूदी और शलोमी के पुत्र याकूब का भाई था यूहन्ना। यीशु के शिष्यों में सब से कम उम्र वाला और सब से अन्त में संसार से विदा होने वाला बताया जाता है। यूहन्ना प्रेम का प्रेरित नाम से जाना जाता है। यूहन्ना के द्वारा लिखे गये ४ सुसमाचारों के अलावा तीन पत्रियां और प्रकाशितवाक्य भी यूहन्ना के नाम से जाने जाते हैं। प्रेरितों के समय में जीवित रहने वालों में सब से प्रमुख व्यक्ति था प्रेरित यूहन्ना। यूहन्नाचौका प्रिय शिष्य था। मछली पकड़ना पूहन्ना का काम था।

यूहन्ना की बुलाहट

यीशु मसीह के शिष्यता को स्वीकार करने से पहले यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले यूहन्ना का शिष्य था। जाने वाले यीशु को देख कर यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले ने कहा, "देखो यह परमेश्वर का मेम्ना" तो यूहन्ना यीशु के साथ गया और उस रात यीशु के साथ बिताया। यीशु के मसीह को यूहन्ना पसन्द आया। घर पर आकर माता-पिता से और याकूब को बताया। इस प्रकार एक समय रात भर मेहनत करने पर भी एक छोटी सी मछली भी जब्दी और उसके पुत्रों को और उनके मित्र पतरस और अन्द्रियास को नहीं प्राप्त हुई। वे नाव में बैठकर जाल थो रहे थे। तब यीशु किनारे पर खड़े होकर लोगों को उपदेश देने लगे तो यीशु पतरस के नाव में बैठकर लोगों को प्रचार किया। प्रचार के पश्चात् गहरे में जाकर जाल डालने के लिये यीशु ने कहा। ऐसा करने पर दोनों नाव भरने लायक मछली बहुतायत से जाल में फंस गई । इस मछली पकड़ने के चमत्कार के कारण यूहन्ना यीशु की बुलाहट सुनने पर आज्ञा मानते हुए उसके पीछे हो लिया

उसे गर्जन के पुत्र नाम दिया गया

यूहन्ना और उसका भाई याकूब को 'गर्जन के पुत्र' नाम से जाना जाता है। यहूदी लोगों से घृणा करने वाले सामरी लोगों के गाँव से होकर यरूशलेम की ओर यीशु जाने के लिये तैयार हुआ तो वह गाँव वाले यीशु को ग्रहण नहीं किये। तब जलन और बैरभाव से भरे भाईयों ने उस गाँववालों को आकाश से आग उतरकर भस्म कराने की इच्छा व्यक्त की। यीशु उन से यह पृछकर कि तुम लोग किस आत्मा के आधीन हो और डांटकर उन्हें गर्जन के पुत्र अर्थ आने वाला नाम अर्थात बोअनर्गिस रख दिया। इससे हमें यह शिक्षा सीखना है कि हमारे विरोध में कार्य करने वालों के प्रति बदले की भावना रखकर कार्य करना गलत है।

पुनरूत्थान के गवाह

यीशु ने कई बार अपने शिष्यों से कहा कि यहूदी पुरनिये यीशु को क्रूस पर चढ़ाकर मार डालेंगे और वह तीसरे दिन जी उठेगा । लेकिन चेले उसके भेद को समझ न सके। क्रूस के निकट खड़े रहने वाला एकमात्र शिष्य यूहन्ना था। यीशु के मृत देह को क्रूस से उतार कर अरिमतिया के यूसुफ द्वारा तैयार किये गये नई कब्र में रख दिया और वह यूहन्ना ने देख लिया। तीसरे दिन भोर को मरियम मगदलीनी, यूहन्ना और याकूब की मां मरियम जाकर यीशु के देह में सुगन्धित द्रव्य लगाने गये तो कब्र को खुला हुआ और यीशु का शरीर गायब होने के कारण मृत देह बिना देखे लौट आए।

यीशु द्वारा प्रेम किया गया शिष्य

यूहन्ना अपने नाम प्रकट किये बिना अपने बारे में कहा है। कि यीशु द्वारा प्रेम किया गया शिष्य। यीशु अपने अन्तिम भोज में शामिल होते समय यीशु के सीने से लगकर बैठा हुआ व्यक्ति यह यूहन्ना था। यूहन्ना को प्रेम का प्रेरित नाम प्राप्त होने योग्य अपने सुसमाचार में और पत्रियों में प्रेम के बारे में अनेक बार वर्णन किया हुआ पाया है।यूहन्ना के जीवन का अन्त

यीशु की माता मरियम की मृत्यु तक यूहन्ना यरूशलेम में रहा और उसके बाद ७० ई. में यरूशलेम के विनाश से पूर्व इफिस की और जाकर एशिया मायनर के सुसमाचार प्रचार कार्यों के लिये नेतृत्व देकर बहुत ही बूढ़ा होने पर भी विश्वासियों को उत्तेजित करते रहने के संबन्ध में वर्णन मिलता है। डोमित्यान बादशाह के सताव के समय प्रेरित को पत्मुस नाम सुनसान टापू की ओर काला पानी के रूप में भेज दिया गया। वहां रहते समय यीशु मसीह द्वारा दिये गये दर्शन प्रकाशितवाक्य में अंकित किया गया है। रोमी कैसर डोमित्यान की आज्ञा के अनुसार यूहन्ना को उबलते तेल में डाला गया परन्तु वह उसमें से अद्भुत तरीके से बच गया। बहुत बुढ़ापे तक जीवित रहा और यूहन्ना स्वाभाविक को प्राप्त करने का विश्वास किया जाता है। शिक्षा : मृत्यु

हमारी इच्छा के विपरीत कार्य करने वालों से बदले की भावना से व्यवहार न करते हुए प्रेमपूर्वक व्यवहार करें। यीशु के प्रिय पुत्र-पुत्रियों के रूप जीवन जीने की कोशिश करें। यीशु के लिये स्थिर रहें तो प्रतिकूलताएं अनुकूल हो जायेंगी।

प्रश्न :

१. यूहन्ना के माता-पिता कौन थे?

२. यूहन्ना कौन से नाम से जाना जाता है?

३. यूहन्ना द्वारा लिखी गई पुस्तक कितनी है? और वे कौन-कौन सी हैं।

४. बोअनर्गिस का अर्थ क्या है?

तुम्हें जो करना है :

१. यूहन्ना प्रेम का प्रेरित जाना जाता है। इस प्रकार आकर्षक नाम प्राप्त करने के लिये तुम लोग भी इच्छा रखो।

२. यीशु को पूर्ण रूप सें प्रेम करने के लिये आज से निर्णय लें। 

३. अन्य लोगों से प्रेम करने का मन रखें।

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