मिलापवाला तम्बू | The bible story

 मिलापवाला तम्बू



अभिप्राय

हमारे बापदादा आराधना करने में कितना समय देते थे। यह समझने मिलापवाला तम्बू निर्माण कितना अद्भुत और सुक्ष्म है जानकर यीशु प्रभु की आराधना आत्मा और सच्चाई से करने की आवश्यकता को समझने के लिये।

प्रस्तावना :

परमेश्वर का भवन बनाने से पहले इस्त्राएली लोग परमेश्वर की आराधना किस प्रकार करते थे? बलिदान कहां चढ़ाया जाता था ? वे आराधना के लिये उपयोग किये स्थान कौन सा था? जब परमेश्वर मूसा को सीने पर्वत पर प्रकट हुआ था तब परमेश्वर द्वारा दिखाए गये नमूने पर बनाया गया आराधना का केन्द्र मिलापवाला तम्बू था। प्रभु को सच्चाई और आत्मा से आराधना करने के लिये बुलाकर अलग किये गये लोग समझने वाली अनेक आत्मिक सच्चाईयां मिलापवाले तम्बू के अध्ययन द्वारा समझ सकते हैं।

मिलापवाले तम्बू शब्द का अर्थ

मिलाप का तम्बू इस का अर्थ है (Text of Meetings) मिलाप शब्द का अर्थ जमा होना, मुलाकात करना, स्वीकार करना आदि अर्थात् एक इस्त्राएली यहोवा के पास आना चाहे तो वह तम्बू के द्वार पर पहुंचे (निर्ग. २५:२-२२) । यहां यीशु मसीह की मिलापवाले तम्बू के साथ तुलना कर सकते हैं। एक व्यक्ति परमेश्वर से भेंट करना चाहे तो वह केवल यीशु मसीह के द्वारा ही संभव है।

मिलाप वाले तम्बू का अन्य नाम

१. मिलापवाला तम्बू (निर्ग:२६:४२)

२. तम्बू (निर्ग-२६:६)

३. यहोवा का तम्बू (१राजा-२२८)

४. मन्दिर (निर्ग. २८८ ३८:२१)

५. परमेश्वर के भवन रूपी निवास स्थान ( १ इति-६:४८)

६. यहोवा का भवन (निर्ग-२३:१६)

७. अनन्त निवास रूपी मिलाप वाला तम्बू (निर्ग-३६:३२, १इति - ६:३२ ) ।

८. साक्षी का तम्बू रूपी निवास स्थान.

मिलापवाला तम्बू और बाहरी विवरण :

इसकी हाथ की लम्बाई और ५० हाथ की चौड़ाई थी अच्छे साफ जगह में इसको स्थापित किया करते थे। आंगन, पवित्रस्थान और परमपवित्र स्थान आदि तीन भागों में मिलाप वाले तम्बू को विभाजित किया गया है। इसमें पश्चिम के सिरे पर मध्यभाग में पूर्व की और मुंह देकर पवित्र स्थान और परमपवित्र स्थान मिलकर तम्बू पाया जाता है। तम्बू के अलावा बाहरी स्थान आंगन कहलाता है। बलिदान की वेदी और पीतल का हाउद आंगन में पाए जाते थे। केवल पवित्र स्थान और परम पवित्र स्थान ३० हाथ लम्बा और १० हाथ चौड़ा और १० हाथ ऊँचा था। इसके पूर्व की ओर अन्य भाग को तख्तों से घेर लिया गया था।। परम पवित्र स्थान की लम्बाई १० हाथ चौड़ा और १० हाथ ऊँचा था। उसमें पूरे सोने मढ़े हुए सन्दूक हारून की छड़ी १० आज्ञाएं लिखे हुए पत्थर की दो पटियां और उसके ऊपर प्रायश्चित के ढक्कन और प्रायश्चित के ढक्कन को ढांकने के लिये दोनों तरफ महिमामय करूद भी थे। पवित्र स्थान की लम्बाई २० हाथ चौड़ाई १० हाथ और ऊंचाई १० हाय थी। दीवट, मेज़ और भेंट की रोटियां, धूपवेरी आदि पवित्र स्थान में पाए जाते थे। आराधना में आने वाले साधारण लोग आंगन तक और याजक लोग पवित्र स्थान तक जा सकते थे। लेकिन साल में एक बार केवल महायाजक को परमपवित्र स्थान में प्रवेश करने की अनुमति थी। मिलापवाले तम्बू के कारीगर

यहूदा गोत्र के बसलेल, दान गोत्र के ओहोलीआन को इसके काम के लिये नाम लेकर बुलाया और उनको पवित्र आत्मा द्वारा ज्ञान और बुद्धी एवं कुशलता प्रदान की । (निर्गमन-३५:३०-३५)। कलीसिया रूपी भवन के निर्माता एम लोगों को परमेश्वर के पवित्र आत्मा से भरपूर होना कितना अनिवार्य है।

मिलापवाले तम्बू के निर्माण के लिये उपयोग किये गये। वस्तुएं परमेश्वर के निवास के निर्माण के लिये आवश्यक वस्तुए इस्त्राएली लोगों को स्वेच्छा से लाने के लिये परमेश्वर ने आदेश दिया (निर्ग २५वां अध्याय)। तम्बू के निर्माण के लिये उपयोग किये गये वस्तुएं धातू जगत से (सोना, चांदी, बहुमूल्य पत्थर) वनस्पती जगत से (लकड़ी, सूत, सुगन्धित द्रव्य), पशुजगत से (मेढ़े का बाल, बकरे का खाल) आदि तीन भागों में विभाजित किया गया है। तम्बू के निर्माण के लिये उपयोग किये गये वस्तुओं की कीमत इतनी अधिक थी कि उसका हिसाब किया जाना कठिन था। हमारा प्रभु अपनी कलीसिया रूपी भवन के निर्माण के लिये अपने आपको समर्पित किया। उस प्रकार हम भी करें तो परमेश्वर अपने पवित्र आत्मा से उसके लिये आवश्यक ज्ञान बुद्धी और सामर्थ हमें प्रदान करेगा। मसीह की कलीसिया रूपी भवन के निर्माण के लिये हम अपने आप को परमेश्वर के हाथों में समर्पित करें।

शिक्षा :

हम परमेश्वर के पवित्र निवासस्थान हैं। हमारा शरीर पवित्र रहने पर ही पवित्र परमेश्वर हमारे अन्दर निवास कर सकेंगे। इस कारण जितना पवित्र जीवन बिता सकें उसके लिये प्रयास करें।

प्रश्न :

9. मिलापवाले तम्बू का अर्थ और उसके दूसरे नाम क्या थे ?

२. मिलापवाले तम्बू के निर्माण के लिये परमेश्वर द्वारा नाम लेकर बुलाए गये लोग कौन-कौन थे?

३. मिलापवाले तम्बू के निर्माण के लिये उपयोग किये गये वस्तुएं क्या क्या थीं?

४. मिलापवाले तम्बू के बाहरी विवरण तैयार करो ?

तुम्हें जो करना है :

१. मिलापवाले तम्बू का चित्र सूक्ष्म रूप अध्ययन करो २. मिलापवाले तम्बू के उपकरण और वस्तुओं की सूचि तैयार करो

३. जहां तक हो सके चित्रों को एकत्रित करें।

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