जलोतेसी शिमोन | The bible story

 जलोतेसी शिमोन

. "तब पतरस ने मुंह खोलकर कहा: अब मुझे निश्चय हुआ, कि परमेश्वर किसी का पक्ष नहीं करता, वरन हर जाति में जो उस से डरता और धर्म के काम करता है, वह उसे भाता है।"


प्रस्तावना



१२ प्रेरितों की सूची में दो शिमोन के बारे में वर्णन किया गया है। एक शिमोन पतरस, दूसरा जलोतेसी शिमोन इनके अलावा और भी शिमोन लोगों का वर्णन परमेश्वर के वचन में दिखाई देते हैं। शिमोन पतरस के बारे में अध्ययन करने की बात याद है? आज हम जलोतेसी के बारे में अध्ययन करने जा रहे हैं। शिमोन

हमारे अध्ययन का विषय अर्थात् शिमोन के बारे में प्रेरितों के संबन्ध में वर्णन करने वाले चार भागों में ही दिखाई देते हैं। मत्ती केवल शिमोन और मरकुस के सुसमाचार में कनानी शिमोन और प्रेरितों के काम में उसको जलोतेसी शिमोन कहा गया है। उसके परिवार के बारे में या अन्य कोई बात परमेश्वर के वचन में वर्णन नहीं किया है। जलोतेसी नाम प्राप्त होने का कारण

इस्त्राएल में कनानी अथवा जलोतेसी नाम के एक देशीय संस्था पाई जाती थी। यीशू मसीह सेवा आरंभ होने से २० वर्षों से पूर्व इस् में पाए जाने वाली एक संस्था थी। जलोतेसी इस्त्राएल की दशीय सुरक्ष के लिये त्यागस्वरूप संग्राम करने वाले यहूदी लोग थे। इन्हें बाद में उग्रवादी के अर्थ आने वाले 'जलोतेसी' नाम जाने गये। शिमोन इस का एक सदस्य था इसलिये इस्त्राएल शिमोन को जलोतेसी शिमान नाम प्राप्त हुआ।

शिमोन का चुनाव

जलोतेसी शिमोन की बुलाहट के संबन्ध में सुसमाचार में कोई वर्णन नहीं है। लेकिन यीशु मसीह के जोशीले प्रचार-प्रसार, गरीबों और समाज में तिरस्कृत लोगों के साथ व्यवहार रोगियों की चंगाई, मृतकों का जिलाया जाना, बड़ी भीड़ को भोजन प्रदान करना, दुष्टात्माओं को निकालना आदि अद्भुत कार्यों के कारण शिमोन ने मान लिया कि आने वाला मसीहा ख्रीष्ट है। यहूदियों का आम विश्वास था कि मसीहा आयेगा तो यहूदियों का राज्य पुनःस्थापित करेगा। इस कारण यहूदियों को स्वतंत्रता प्रदान करने योग्य एक अगुवे के रूप में यीशु को देखकर शिमोन उसके पास आने के बारे में विश्वास किया ।

यीशु ने शिमोन को चुन लिया

जलोतेसी समूह उग्रवादी एक स्वतंत्रता सेनानी को यीशु का अपने शिष्य के रूप में चुन लेना एक अद्भुत कार्य था। विभिन्न प्रकार के स्वभाव वाले भिन्न भिन्न योग्यता रखने वाले विभिन्न पृष्ठभूमि से संबन्ध रखने वाले एक साथ एक संगति में आने का यीशु का परम लक्ष्य था। कई प्रकार के स्वभाव वाले, कई कार्य करने वाले कई प्रकार की योग्यता रखने वाले शिष्य एक साथ खड़े होने के लिए यीशु के पास जगह थी। 

अन्त

यीशु को जानने वाला शिमोन खामोश न रहा। पहले के जोश से बढ़कर बड़ा जोश उसमें उत्पन्न हुआ। जलोतेसी शिमोन के कार्यों के बारे में बाइबल में कुछ भी नहीं दिखाई देता है। फिर भी अन्त तक प्रभु के लिये स्थिर रहने वाला एक व्यक्ति था शिमोन।

शिक्षा :

जिस प्रकार यीशु ने जातिभेद के बिना सब से प्रेम किया उसी प्रकार सब से प्रेम करें और एक समान देखें। इतना ही नहीं शिमोन के समान जोश के साथ प्रभु की सेवा करें।

प्रश्न :

१. शिमोन कौन था?

२. जलोतेसी शिमोन नाम कैसे प्राप्त हुआ ?

तुम्हें जो करना है :

१. प्रति दिन बाइबल पढ़े। अपने मित्रों के साथ यीशु का प्रेम बाटे।

 २. शिमोन के समान जोश के साथ प्रभु के लिये कार्य करने का निर्णय लें।

३. पर्चे बांटते रहें।

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