मछली पकड़ने का जाल

मछली पकड़ने का जाल



अभिप्राय

धार्मिकता का कार्य करने वाला अनन्तकाल के लिये और दुष्टता का कार्य करने वाला अनन्त विनाश के लिये भागीदार होगा।

प्रस्तावना :

लोगों के लिये सुपरिचित बातें यीशु मसीह ने अपने वचन को सिखाने के लिये दृष्टान्तों के रूप में उपयोग किया है। गलील सागर मछली पकड़ने के लिये प्रसिद्ध था। वहां के लोगों के लिये सुपरिचित और आम तौर पर मछली पकड़ने के लिये उपयोग किये गये जाल के बारे में आज हम अध्ययन करने जा रहे हैं।

विवरण :

यह दृष्टान्त केवल मत्ती रचित में सुसमाचार में वर्णन किया गया है । पलिश्तीन के मछुवारे दो प्रकार के जाल उपयोग करके मछली पकड़ा करते थे। पहली रीति के लिये फैलाने वाले जाल का उपयोग किया करते थे। दूसरे रीति का जाल सोनिक नाम से जानने वाले चतुर मुखी जाल को समुद्र में या नदी में उतार कर नावों की सहायता से खींचकर ले जाया जाता है और उसमें सब प्रकार की मछलियां आ जाती हैं। महासागर में छोटे बड़े असंख्य जल प्राणी पाए जाते हैं। समुद्र में डाले जाने वाले जाल में उन सबका फंस जाना सामान्य बात है। इस संसार रूपी महासागर में मनुष्य मछलियों के समान जीवन बिता रहे हैं। सुसमाचार प्रचार समुद्र में जाल डालने के तुल्य है। सब प्रकार के लोगों को यीशु मसीह द्वारा तैयार किये गये उद्धार की और आकर्षित करने के लिये संसार भर में सब प्रकार के मनुष्य फंस जाते हैं। उद्धार के द्वारा कलीसिया में आए हुए लोगों के बीच में अच्छे लोगों के साथ साथ बुरे लोग भी दिखाई देते हैं। उसमें अपवित्रता और पवित्रता सब दिखाई देता है। इस कारण इसमें सब प्रकार के लोग पाए जाते हैं।

यीशु का नाम और मछली के रूप में एक समानता है। मसीही लोगों को सताए गये प्रारंभिक दिनों में मछली उनका एक प्रमुख निशान था। उनके रहस्य निवास स्थानों में मछली का रूप बनाया करते थे। यीशु मसीह के अर्थ आने वाले यूनानी भाषा के पहले अक्षर को ले ले तो क्रूस शब्द होता है। उसका अर्थ मछली है। इस कारण यह चित्र वे लोग चिन्ह के रूप में स्वीकार किये थे। सताव के दिनों में विश्वासी लोग उन रहस्य निवास स्थानों का पता इस मछली के चिन्हों के द्वारा लगाया करते थे।

जाल भरने पर किनारे पर लाकर अच्छे किस्म के मछलियों को चुनकर बर्तनों में डाले और ढांककर रख दिया बुरी मछलियों को वापस फेंक दिये गये। जाल पानी में रहते समय उसमें फंसी हुई मछलियों को पहचानना मुश्किल काम है। लेकिन जाल किनारे पर लाकर उनको विभाजित करने पर अच्छे और बुरे का पहचान होता है। यह अपने न्याय को सूचित करता है। अच्छे मनुष्य रूपी धर्मियों को परमेश्वर अपने निवास स्थान अर्थात् स्वर्गराज्य रूपी पात्र में जमा करते समय दुष्ट रूपी मनुष्यों को अनन्तकालीन नरक में फेंक देगा। लोग स्वर्गराज्य में जाना है तो यीशु मसीह पर विश्वास करके उस के धर्मियों के समान जीवन बिताना होगा।

व्याख्या

समुद्र संसार

सब प्रकार की मछलियां मनुष्य

जाल - सुसमाचार प्रचार-प्रसार

अलग किया जाना न्याय किया जाना

अच्छी मछलियां धर्मी लोग

बुरी मछलियां - अधर्मी लोग (दुष्ट लोग )

शिक्षा :

परमेश्वर राज्य के लिये कार्य करने और अनेक लोगों को उद्धार की ओर लाने के लिये यत्न करें।

प्रश्न :

१. आदि काल के मसीही लोग उनके सताव के समय उनके गुप्त निवास स्थानों में मछलियों का निशान क्यों बनाते थे? उस का मतलब क्या था ?

२. दृष्टान्त के एक एक बात का अर्थ क्या था?

३. न्याय के दिन परमेश्वर धर्मियों और अधर्मियों को कहां भेजेगा ?

तुम्हें जो करना है :

१. इस दृष्टान्त के एक एक विषय लिख कर रखें । 

२. दोस्तों के साथ बाइबल की सच्चाईयों को बांटें ।

३. उद्धार रहित लोगों के लिये प्रार्थना किया करें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ